Program Controlled I/O in OS in Hindi - पूरी जानकारी

Program Controlled I/O in OS in Hindi - पूरी जानकारी


Program Controlled I/O in Operating System क्या है?

Operating System (OS) में Program Controlled I/O एक ऐसी विधि है जिसमें CPU सीधे I/O डिवाइसेज़ को नियंत्रित करता है और डेटा ट्रांसफर को मैनेज करता है। इस प्रक्रिया में CPU लगातार I/O डिवाइस की स्थिति की निगरानी करता है और तब तक इंतजार करता है जब तक कि डेटा उपलब्ध न हो जाए।

Program Controlled I/O की परिभाषा

Program Controlled I/O वह प्रक्रिया है जिसमें CPU एक प्रोग्राम के माध्यम से I/O डिवाइस से डेटा पढ़ने या लिखने का कार्य करता है। इसमें CPU को I/O डिवाइस की स्थिति को बार-बार जांचना पड़ता है, जिसे Polling कहा जाता है।

Program Controlled I/O का कार्य करने का तरीका

इस विधि में CPU को I/O ऑपरेशन को नियंत्रित करने के लिए निम्नलिखित चरणों से गुजरना पड़ता है:

  1. CPU I/O डिवाइस को कमांड भेजता है।
  2. CPU डिवाइस की स्थिति (Status Register) को बार-बार चेक करता है।
  3. यदि डिवाइस तैयार होता है, तो CPU डेटा को ट्रांसफर करता है।
  4. यदि डिवाइस तैयार नहीं है, तो CPU वेट करता है और फिर से स्थिति जांचता है।
  5. डेटा ट्रांसफर पूरा होने के बाद CPU सामान्य कार्यों पर वापस लौटता है।

Program Controlled I/O के मुख्य घटक

घटक कार्य
CPU I/O डिवाइस को नियंत्रित करता है और डेटा ट्रांसफर करता है।
I/O Device Input और Output संचालन करने के लिए प्रयोग होता है।
Status Register डिवाइस की वर्तमान स्थिति को स्टोर करता है, जिसे CPU बार-बार चेक करता है।
Data Register डेटा को स्टोर करने के लिए प्रयोग किया जाता है।

Polling क्या होता है?

Program Controlled I/O में Polling तकनीक का उपयोग किया जाता है, जिसमें CPU लगातार I/O डिवाइस की स्थिति की जांच करता है और तब तक प्रतीक्षा करता है जब तक डिवाइस डेटा ट्रांसफर के लिए तैयार न हो जाए।

Polling की प्रक्रिया

  • CPU बार-बार डिवाइस स्टेटस रजिस्टर को चेक करता है।
  • यदि डिवाइस तैयार नहीं है, तो CPU दुबारा जांच करता है।
  • डिवाइस के तैयार होने पर CPU डेटा ट्रांसफर करता है।

Program Controlled I/O के लाभ

  • सरल और सीधे तरीके से काम करता है।
  • विशेष हार्डवेयर की आवश्यकता नहीं होती।
  • छोटे सिस्टम और एम्बेडेड सिस्टम में उपयोगी होता है।

Program Controlled I/O की सीमाएँ

  • CPU को लगातार डिवाइस स्टेटस चेक करना पड़ता है, जिससे यह अन्य कार्यों को नहीं कर पाता।
  • Polling के कारण CPU समय की बर्बादी होती है।
  • धीमे I/O डिवाइस की वजह से सिस्टम की कुल प्रदर्शन क्षमता कम हो जाती है।

Program Controlled I/O बनाम अन्य I/O तकनीकें

तकनीक कार्य करने का तरीका प्रदर्शन
Program Controlled I/O CPU सीधे I/O को नियंत्रित करता है और स्थिति चेक करता रहता है। धीमा
Interrupt-Driven I/O CPU को केवल तब इंटरप्ट मिलता है जब डिवाइस तैयार हो जाता है। बेहतर
Direct Memory Access (DMA) DMA कंट्रोलर CPU की बजाय डेटा ट्रांसफर करता है। सबसे तेज

निष्कर्ष

Program Controlled I/O एक बुनियादी I/O विधि है जिसमें CPU सीधे I/O डिवाइसेज़ को नियंत्रित करता है। हालांकि, इसमें CPU समय की अधिक खपत होती है क्योंकि यह लगातार डिवाइस स्टेटस चेक करता रहता है। इसलिए, आधुनिक ऑपरेटिंग सिस्टम में अधिक प्रभावी तकनीकों जैसे Interrupt-Driven I/O और Direct Memory Access (DMA) का उपयोग किया जाता है।

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