Radiometry in Image Formation in Hindi & English | रोबोटिक्स में डायनेमिक विश्लेषण और बल


Radiometry in Image Formation in Hindi & English | रोबोटिक्स में डायनेमिक विश्लेषण और बल

परिचय (Introduction)

रैडियोमेट्री (Radiometry) कंप्यूटर विज़न और इमेज प्रोसेसिंग का एक मूलभूत वैज्ञानिक सिद्धांत है। यह वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से हम प्रकाश की मात्रा, ऊर्जा और तीव्रता को मापते हैं। किसी भी छवि की चमक, कॉन्ट्रास्ट और स्पष्टता इस बात पर निर्भर करती है कि दृश्य में प्रकाश कैसे परावर्तित, प्रसारित या अवशोषित होता है। रैडियोमेट्री न केवल इमेज फॉर्मेशन की फिजिकल समझ प्रदान करती है बल्कि यह यह भी बताती है कि सेंसर किस प्रकार प्रकाश ऊर्जा को विद्युत संकेतों में परिवर्तित करता है।

यदि हम किसी छवि का सही विश्लेषण करना चाहते हैं — जैसे कि वस्तु की पहचान (Object Detection), सतह की बनावट (Texture Analysis), या गहराई (Depth Estimation) — तो रैडियोमेट्रिक सिद्धांतों की समझ अनिवार्य है।

रैडियोमेट्री की परिभाषा

रैडियोमेट्री उस विज्ञान को कहते हैं जो प्रकाश ऊर्जा के मापन और उसके प्रवाह का अध्ययन करता है। यह बताता है कि किसी सतह पर कितनी मात्रा में प्रकाश गिर रहा है, कितना परावर्तित हो रहा है, और कितना अवशोषित किया जा रहा है।

मुख्य रैडियोमेट्रिक परिमाण (Radiometric Quantities):

  • रेडिएंट एनर्जी (Radiant Energy): प्रकाश द्वारा ले जाई गई कुल ऊर्जा, जिसे जूल (Joule) में मापा जाता है।
  • रेडिएंट फ्लक्स (Radiant Flux): एक इकाई समय में प्रवाहित होने वाली कुल ऊर्जा, जिसे वाट (Watt) में मापा जाता है।
  • इरेडिएंस (Irradiance): किसी सतह पर गिरने वाली शक्ति प्रति इकाई क्षेत्र।
  • रेडिएंस (Radiance): किसी विशेष दिशा में उत्सर्जित या परावर्तित शक्ति का माप।

रैडियोमेट्री के घटक

रैडियोमेट्री में मुख्यतः चार घटक होते हैं:

  1. प्रकाश स्रोत (Light Source)
  2. वस्तु की सतह (Surface Interaction)
  3. परावर्तन और अवशोषण (Reflection and Absorption)
  4. कैमरा सेंसर (Camera Sensor)

प्रकाश स्रोत:

यह प्राकृतिक (जैसे सूर्य) या कृत्रिम (जैसे बल्ब, LED) हो सकता है। प्रकाश स्रोत की तीव्रता और दिशा छवि की गुणवत्ता को प्रभावित करती है।

सतह की इंटरैक्शन:

वस्तु की सतह प्रकाश को तीन प्रकार से प्रभावित करती है — स्पेक्युलर रिफ्लेक्शन (Specular Reflection), डिफ्यूज रिफ्लेक्शन (Diffuse Reflection), और ट्रांसमिशन (Transmission)।

सेंसर का कार्य:

कैमरा सेंसर (जैसे CCD या CMOS) प्राप्त प्रकाश को विद्युत संकेतों में परिवर्तित करता है। यह रैडियोमेट्रिक प्रतिक्रिया वक्र (Radiometric Response Curve) के अनुसार कार्य करता है।

रैडियोमेट्रिक समीकरण (Radiometric Equation)

रैडियोमेट्री का मूल समीकरण यह बताता है कि किसी सतह पर प्राप्त इरेडिएंस (E) = रेडिएंस (L) × कोसाइन θ × सॉलिड एंगल Ω

E = L × cos(θ) × Ω

यह समीकरण प्रकाश के आगमन कोण (θ), दिशा और फैलाव (Solid Angle) के आधार पर ऊर्जा वितरण को दर्शाता है।

रिफ्लेक्शन मॉडल्स

1. लैम्बर्टियन मॉडल (Lambertian Model)

इस मॉडल में सतह को पूरी तरह डिफ्यूज माना जाता है। इसका अर्थ है कि सतह से परावर्तित प्रकाश सभी दिशाओं में समान रूप से फैलता है। यह मॉडल अधिकांश प्राकृतिक वस्तुओं के लिए उपयुक्त है।

2. स्पेक्युलर रिफ्लेक्शन (Specular Reflection)

इसमें सतह चिकनी होती है और परावर्तित प्रकाश एक निश्चित दिशा में केंद्रित होता है, जैसे दर्पण में।

3. बिडायरेक्शनल रिफ्लेक्टेंस डिस्ट्रीब्यूशन फंक्शन (BRDF)

यह किसी सतह के रैडियोमेट्रिक व्यवहार का सबसे सटीक मॉडल है। यह दर्शाता है कि किसी विशेष दिशा से आने वाला प्रकाश किस दिशा में परावर्तित होगा।

कैमरा कैलिब्रेशन और रैडियोमेट्री

रैडियोमेट्रिक कैलिब्रेशन कैमरा की उन त्रुटियों को सुधारता है जो लेंस विकृति या गैर-रेखीय सेंसर प्रतिक्रिया के कारण होती हैं। इससे प्राप्त इमेज वास्तविक प्रकाश वितरण के अनुरूप होती है।

मुख्य चरण:

  1. डार्क करंट मापन
  2. एक्सपोजर समय निर्धारण
  3. गामा करेक्शन
  4. व्हाइट बैलेंस सेटिंग

वास्तविक जीवन में अनुप्रयोग

  • मेडिकल इमेजिंग (CT और MRI स्कैनिंग)
  • रिमोट सेंसिंग और सैटेलाइट इमेज विश्लेषण
  • रोबोटिक्स में वस्तु पहचान
  • 3D रीकंस्ट्रक्शन और फोटोग्रामेट्री

सीमाएँ

  • प्रकाश परिवर्तन से संवेदनशीलता
  • गैर-आदर्श सतहों पर मॉडलिंग की जटिलता
  • गणनात्मक लागत अधिक होना

निष्कर्ष

रैडियोमेट्री कंप्यूटर विज़न की वह वैज्ञानिक नींव है जो इमेज की ब्राइटनेस, कंट्रास्ट और वास्तविकता को निर्धारित करती है। इसका ज्ञान हमें ऐसे एल्गोरिद्म विकसित करने में मदद करता है जो किसी भी प्रकाश स्थिति में सटीक परिणाम दे सकें।

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